SHIVAAY : Honest Review | उम्मीदें ज्यादा, दम कम !

0
426

हर बार ऐसा ही क्यों होता है ? जब जब अजय देवगन की फिल्में किसी बड़े स्टार से टकराती हैं तो उनकी फिल्म कंटेंट कहानी और प्रेजेंटेशन के मामले में दम तोड़ जाती है। पिछली बार ऐसा हुआ था, जब यश चोपड़ा की फिल्म जब तक है जान के सामने उनकी सन ऑफ सरदार रिलीज़ हुई थी। उस वक्त भी सन ऑफ सरदार को लेकर क्रेज़ काफी था, लेकिन कहानी और प्रेजेंटेशन के मामले में सन ऑफ सरदार उन्नीस ही रही।

यही हाल कुछ इस बार शिवाय का भी हुआ है। रिलीज से पहले करण जौहर से तकरार और लगभग कोल़्ड वार जैसे हालातों में उनकी फिल्म शिवाय रिलीज़ हुई है। फिल्म को डायरेक्ट भी खुद अजय देवगन ने ही किया है। लेकिन बॉस फर्स्ट डे फर्स्ट शो ना.. बहुत बेईमान और Brutal होता है। सब खोल के रख देता है। तो आइए चलिए देर ना करते हुए आपको शिवाय के फर्स्ट डे फर्स्ट शो का Honest Review बताते हैं।

shivaay-movie Shot

शिवाय लगभग 3 घंटे की फिल्म है। फिल्म को अपने असली प्लॉट तक पहुंचने में  ही काफी वक्त ले लेती है। शिवाय यानि की अजय देवगन और ओल्गा यानि कि एरिका कार हिमालय की वादियों में मिलते हैं। दोनों में एक कनेक्शन पैदा होता है और फिर ये रोमांस अलग अलग मोड़ लेते हुए आगे बढ़ता है। दोनों को एक बेटी भी होती है। लेकिन फिर एक दिन शिवाय की जिंदगी में तूफान आता है और ओल्गा उसे छोड़कर चली जाती है। बेटी को अपनी मां से मिलाने के लिए शिवाय बुल्गेरिया पहुंचता है औऱ यहां उसका सामना होता है बुरी ताकतों से। फिर शिवाय किस तरह अपना तांडव कर बुरे लोगों को सजा देता है और फिल्म हैप्पी एंडिंग के साथ खत्म होती है, यही है क्लाइमैक्स है शिवाय का।

shivay-liplock-sceneWhat’s Good about Movie

शिवाय का सबसे अच्छा पहलू इसकी सिनमेटोग्राफी और एक्शन सीक्वेंस हैं। फिल्म को अगर 3D में बनाया गया होता तो ऑडियंस का फिल्म देखने का मजा और बढ़ जाता। हिमालय की खूबसूरत वादियों को बेहतरीन तरीके से शूट किया गया है, साथ ही विजुअल ग्राफिक्स का भी अच्छा इस्तेमाल है।

What’s bad about Movie

फिल्म की स्र्क्रीनप्ले इसकी सबसे कमजोर कड़ी है। फिल्म बेहद धीरे धीरे आगे बढ़ती है और जब तक ऑडियंस को एक्शन का मजा लेना था, तब तक वो लगभग पक चुका होता है। अजय देवगन को 3 घंटे लंबी फिल्म बनाने से पहले इसके स्क्रीनप्ले पर और काम कर लेना चाहिए था।

Performances

फिल्म में अजय देवगन ने अपना 100 फीसदी देने की पूरी कोशिश की है। फिल्म के सेंट्रेल कैरेक्टर और डायरेक्टर दोनों की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। डायरेक्टर के तौर पर अजय ने पासिंग मार्क्स तो ले लिए हैं, लेकिन एक्टर के तौर पर शिवाय के रोल में वो शानदार हैं। एरिका कार और साएशा सहगल ने भी अपने हिस्से की जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाई है।

Final Verdict

अगर बात करें, फाइनल नतीजे की तो शिवाय बस मुश्किल से पास होती नज़र आती है। मैं अजय देवगन के पुराने फैन्स में से एक हूं, लेकिन अब सच को सच तो कहना ही पड़ेगा। शिवाय को हम देते हैं 5 में से 2.5 स्टार। इस हफ्ते शिवाय के साथ ए दिल है मुश्किल भी रिलीज हुई है। डर इसी बात का है फैमिली एंटरटेनमेंट ढूंढने वाले कहीं ए दिल है मुश्किल को ही अपनी फर्स्ट चॉयस ना बना लें

ए दिल है मुश्किल में क्या है देखने लायक : पढ़िए रिव्यू 

अगर आपने भी शिवाय देख ली है तो नीचे वोट करें औऱ कमेंट सेक्शन में आप लिखिए अपना रिव्यू !

[taq_review]

Comments

comments

LEAVE A REPLY